साइरस मिस्त्री की जीवनी | Cyrus Mistry Biography in Hindi

Cyrus Mistry Biography in Hindi –  नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख में हम टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की जीवनी के बारे में जानेंगे। हाल ही में सोशल मीडिया पर साइरस मिस्त्री की काफी तेजी से चर्चा हो रही है क्योंकि उनकी एक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई है।

अगर आप भी साइरस मिस्त्री की जीवनी के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हम इस लेख पर अंत तक जरूर हैं। क्योंकि इस लेख में साइरस मिस्त्री के जीवन के बारे में सारी जानकारी साझा की जा रही है।

साइरस मिस्त्री की जीवनी | Cyrus Mistry Biography in Hindi

कौन थे साइरस मिस्त्री?

साइरस मिस्त्री टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज के छठे चेयरमैन थे। साल 2012 में रतन टाटा ने टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया और उसके बाद साइरस मिस्त्री को इस कंपनी का नया चेयरमैन चुना गया।

साइरस मिस्त्री एक अच्छे व्यवसायी और दयालु व्यक्ति थे। उन्होंने इस पद पर 4 साल काम करने के बाद साल 2016 में पद से इस्तीफा दे दिया था। टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज के इतिहास में साइरस मिस्त्री सबसे कम उम्र के चेयरमैन थे।

साइरस मिस्त्री का जन्म

साइरस मिस्त्री का जन्म 4 जुलाई 1966 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था। उन्हें जन्म से ही व्यवसाय का शौक था, क्योंकि उनके पिता भी एक समृद्ध व्यवसायी थे। साइरस मिस्त्री का जन्म एक पारसी परिवार में हुआ था, जो शापूरजी पालन जी के नाम से जाने जाते थे। उनकी मां आयरलैंड से थीं।

साइरस मिस्त्री का पारिवारिक संबंध

साइरस मिस्त्री के माता-पिता दोनों आयरिश नागरिक थे। उनके पिता का नाम पल्लोनजी मिस्त्री था, जो एक बहुत ही सफल व्यवसायी थे। उन्हें अपने पिता से व्यवसाय के क्षेत्र में प्रवेश करने की प्रेरणा मिली। उनकी माता का नाम पात्सी पेरिन दुबाश था।

साइरस मिस्त्री के माता-पिता के तीन और बच्चे थे, जिनमें से एक सबसे बड़ा बेटा शापूर मिस्त्री और दो बेटियां लैला मिस्त्री और आलू मिस्त्री थीं। साइरस मिस्त्री अपने सभी भाई-बहनों में सबसे छोटे थे।

साइरस मिस्त्री द्वारा प्राप्त शिक्षा

साइरस मिस्त्री ने अपनी स्कूली शिक्षा मुंबई के एक स्कूल कैथेड्रल से की। इस स्कूल के बाद वे दूसरी जगह शिफ्ट हो गए और जॉन केनन स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और यहीं पर उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भी प्राप्त की। प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे लंदन चले गए।

लंदन जाकर उन्होंने प्रसिद्ध लंदन कॉलेज इम्पीरियल कॉलेज में प्रवेश लिया और वहाँ से उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बीआई के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

इसके बाद उन्होंने अपनी रुचि को ध्यान में रखते हुए मास्टर डिग्री हासिल करने की सोची और इसके बाद उन्होंने लंदन के बिजनेस कॉलेज में दाखिला लिया। इसी कॉलेज से उन्होंने मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की और उसके बाद वे भारत आ गए, जहां से उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में ग्रेजुएशन पूरा किया.

सायरस मिस्त्री का वैवाहिक जीवन

साइरस मिस्त्री ने आयरलैंड की रोहिका छागला से शादी की है। रोहिका से शादी करने के लिए उन्हें आयरिश नागरिकता की जरूरत थी और इसके लिए उन्होंने आयरिश नागरिकता भी ली थी। साइरस मिस्त्री के दो बेटे हैं, जिनके नाम फिरोज मिस्त्री और जहान मिस्त्री हैं।

साइरस मिस्त्री करियर

शायरी मिस्त्री वर्ष 1991 ई. में अपने पिता की कंपनी शापूरजी पलोनजी एंड कंपनी के बोर्ड निदेशक बने। इसके बाद साल 1994 में उन्हें अपने पिता की कंपनी में मैनेजर के तौर पर चुना गया। उन्होंने अपने प्रबंधन के तहत अपनी कंपनी को बहुत प्रगति दी है।

साइरस मिस्त्री के पिता बिजनेस ग्रुप के चेयरमैन थे और इसी वजह से उन्हें टाटा ग्रुप के बोर्ड में भी रखा गया था। उन्हें 1990 से 2009 तक टाटा एलेक्सी लिमिटेड के निदेशक के रूप में चुना गया था।

उनके काम और प्रगति को देखते हुए उन्हें टाटा कंपनी ने टाटा पावर कंपनी लिमिटेड के निदेशक के रूप में चुना। उन्होंने लगभग वर्ष 2006 तक इस पद पर रहे और बाद में कन्वर्जेंस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निदेशक के रूप में नियुक्त किए गए, जहां उन्हें योजनाओं के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया।

इसके बाद वर्ष 2012 में उन्हें टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड और टाटा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में चुना गया। उनकी कड़ी मेहनत के दम पर उन्हें टाटा संस और टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज का चेयरमैन बनाया गया और अपनी अध्यक्षता में रहते हुए उन्होंने टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज के लिए कई फैसले लिए।

साइरस मिस्त्री कई कंपनियों के निदेशक थे जो शापूरजी पालन जी ग्रुप यानी उनकी बेटी कंपनियों के समूह की छत्रछाया में चलती थीं। साल 2016 में साइरस मिस्त्री के साथ इस बात को लेकर विवाद शुरू हो गया था कि उनके पास टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज को मेंटर करने का कोई कारण नहीं बचा था।

साइरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटाने का कारण

साइरस मिस्त्री को टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज से निकालने का एक ही कारण था कि उनकी कार्यशैली टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज के कामकाज से बिल्कुल मेल नहीं खाती थी।

साइरस मिस्त्री के कार्यकाल में केवल 4 वर्ष ही हुए थे कि उन्हें टाटा संस द्वारा 24 अक्टूबर 2016 को अध्यक्ष पद से निष्कासित कर दिया गया था। इस स्थान पर फिर से रतन टाटा ने कब्जा कर लिया और जब तक नए अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई,

इसके बाद 12 जनवरी 2017 को टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज द्वारा एन चंद्रशेखरन को नया चेयरमैन बनाया गया। अगर राजेश मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटाने की बात करें तो उन्हें सिर्फ इसलिए हटाया गया क्योंकि उनके काम करने का तरीका टाटा संस के काम करने के तरीके से बिल्कुल मेल नहीं खाता था।

साइरस मिस्त्री नेट वर्थ

2018 तक साइरस मिस्त्री की कुल संपत्ति $ 10 बिलियन थी और वह राष्ट्रीय एकता परिषद के सदस्य भी थे। टाटा संस में 18.4% हिस्सेदारी साइरस मिस्त्री की कंपनी साइरस इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के पास है।

साइरस मिस्त्री का निधन

4 सितंबर 2022 को एक कार दुर्घटना में साइरस मिस्त्री की मृत्यु हो गई। मुंबई से सटे महाराष्ट्र के पालघर जिले में उनकी कार सड़क के किनारे डिवाइडर से टकरा गई।

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साइरस मिस्त्री कौन थे?

साइरस मिस्त्री टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज के पूर्व चेयरमैन थे।

साइरस मिस्त्री की मृत्यु कैसे हुई?

4 सितंबर 2022 को एक कार दुर्घटना में साइरस की मृत्यु हो गई।

साइरस मिस्त्री का जन्म कब हुवा था ?

साइरस मिस्त्री का जन्म 4 जुलाई 1966 ई.

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